आईआईटी इंदौर ने जूते के तलवे में ऐसा जनरेटर लगाया है जो चलते समय बनने वाली गति से बिजली तैयार करता है। इसे ट्राइबोइलेक्ट्रिक नैनोजनरेटर कहा जाता है।

तलवे में इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था भी है। उससे मिला आवेश पहले भंडारण उपकरण में जमा होता है, फिर छोटे उपकरणों के काम आ सकता है।

संस्थान की 2025 पुस्तिका में प्रो. विपुल सिंह और प्रो. आई. ए. पलानी को आविष्कारक बताया गया है।

पुस्तिका में तकनीक का स्तर टीआरएल-6 और एआरडीई पुणे के साथ पेटेंट प्रक्रिया जारी दर्ज है। यह विकसित नमूने का विवरण है।

मुख्य बातें

  • तलवे में ट्राइबोइलेक्ट्रिक नैनोजनरेटर लगाया गया है।
  • बनी ऊर्जा छोटे उपकरणों के लिए सहेजी जाती है।

स्रोत और संदर्भ

  1. IIT इंदौर · A Handbook of Ideas, Innovations and Technologies of IIT Indore 2025 — Triboelectric Based Shoe Sole ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  2. IIT इंदौर R&D Section · Development of Laser Surface Modified Triboelectric Nano Generator for Harvesting Energy from Shoe Sole ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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