गोल मेज, गुलाब, स्क्रीन। 16 जुलाई 2026 को भारत मंडपम् में वस्त्र उद्योग का कुंभ कहा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट में संसाधन सँभालकर उत्पादन और रोजगार बढ़ा रहा है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज किशोर, उद्योग प्रतिनिधि, मंत्रालय और राज्य अधिकारी बैठे।
धार मित्र पार्क की आधारशिला का हवाला फिर आया। इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तीन लाख रोजगार और मालवा-निमाड़ के छह लाख से अधिक कपास किसानों को लाभ—विज्ञप्ति भविष्य जोड़ती है। खेत से गारमेंट और वैश्विक बाजार तक पहुँच आसान होगी, यह दिशा है। चालू पारी की गिनती नहीं।
महेश्वरी और चंदेरी का स्थान
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने स्थानीय बुनकरों को काम से जोड़ने के लिए महेश्वरी साड़ियाँ शुरू करवाईं—यह ऐतिहासिक स्मृति भाषण में है। महेश्वरी आज भी देश-विदेश में लोकप्रिय बताई गई, चंदेरी को वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान। स्वावलंबन और रोजगारपरक उद्योग पहचान बताए गए। जरी स्टेट, रेशम स्टेट, मैनमेड फाइबर स्टेट, कॉटन कैपिटल—ये नारे हैं। तंतु नारे को तालिका नहीं बनाता।
तस्वीर गोल मेज की
बड़ा गोल टेबल, स्क्रीन पर आइकन, पीछे कतारें। मुख्यमंत्री मेज पर बैठे हैं। यह करघा या कपास का खेत नहीं। राउंड टेबल का चित्र है।
मुख्य बातें
- केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित बताए गए।
- अहिल्याबाई होल्कर द्वारा महेश्वरी साड़ी से बुनकर जोड़ने का ऐतिहासिक उल्लेख भाषण में है।
- जरी स्टेट, रेशम स्टेट, मैनमेड फाइबर, कॉटन कैपिटल—नारे हैं, उस दिन की उत्पादन तालिका नहीं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



